मेरे स्वर में : किशोर कुमार
जीवन के सफ़र में राही,,,,,
किशोर दा ने कभी विधिवत संगीत नहीं सीखा मगर जब भी गाया तो ऐसे गाया जैसे हज़ारों साल सीख कर गा रहे हों..,,
इसे ही माँ सरस्वती की कृपा कहते हैं.... इसकी कोई अन्य व्याख्या नहीं दी जा सकती..
किशोर दा के इस गीत को आप मेरे स्वर में सुने और बताएं कैसा है....
अब गाते समय तो मेरे स्वर में मुकेश जी की सुगंध तो आनंदित करेगी ही....
जीवन के सफ़र में राही,,,,,
किशोर दा ने कभी विधिवत संगीत नहीं सीखा मगर जब भी गाया तो ऐसे गाया जैसे हज़ारों साल सीख कर गा रहे हों..,,
इसे ही माँ सरस्वती की कृपा कहते हैं.... इसकी कोई अन्य व्याख्या नहीं दी जा सकती..
किशोर दा के इस गीत को आप मेरे स्वर में सुने और बताएं कैसा है....
अब गाते समय तो मेरे स्वर में मुकेश जी की सुगंध तो आनंदित करेगी ही....
Aravind Pandey
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