शिव ही इस संसार में सबके पालनहार : श्रावण शुभ हो
शिव-चरणों में मेरे स्वर के बिल्वपत्र
------------------
1.
शिव ही इस संसार में सबके पालनहार .
शिव को तू मत भूलना,हर पल शिव को पुकार.
2.
शिव शिव जप ले रे मना,शिव का कर गुणगान.
तू भी शिव हो जाएगा, शिव का कर ले ध्यान.
3.
शिव की शरण जो आए.
काल छुए ना उसको वो तो,
अजर-अमर हो जाए,
शिव ने जो पिया था हालाहल ,
अमृत बनकर बरसा पल पल,
नाम जपे जो शिव का उसका भव-बंधन कट जाए.
शिव की शरण जो आए.
4.
सुख हो दुःख हो यश अपयश हो मान हो या अपमान.
झूठा सारा खेल है जग़ का, कर ले शिव का ध्यान.
सब कुछ कर दे शिव को अरपन माया-मोह बिसार.
मेरे शिव हैं दीनदयाल .मेरे शिव हैं दीनदयाल.
5.
शिव की जोत से जगमग करते सूरज चन्दा तारे .
शिव की शरण में कट जाते हैं भव के बंधन सारे.
शिव का ध्यान लगाते चलो.
प्रेम की गंगा बहाते चलो.
जोत से जोत जगाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो.
Aravind Pandey