आज रफ़ी फिर मेरे स्वर में.. नफ़रत की दुनिया को छोड़ के प्यार की दुनिया में..
खुश रहना मेरे यार...
पशु-अधिकारों के प्रसंग में बनी अब तक की सबसे सशक्त फिल्म - हाथी मेरे साथी का यह अमर गीत ... मुझे बहुत प्रिय है ...रफ़ी साहब ने शुरू में जो आलाप लिया है -- मर्म-स्पर्शी है.. यह आलाप लेने के बाद आत्मा परम शुद्ध एवं शान्ति का अनुभव करती है.. ये गीत मैं अक्सर गाता हूँ....